Archive for February, 2013

इश्क़ ही होगा

Posted: February 21, 2013 in Poems
Tags:

1) मोहब्बत में कतरा-भर खून शर्त है तेरी
और हमने कभी की जंग लड़नी छोड़ दी

2) उनसे मिलने का सिलसिला भी चलो ख़त्म हुआ
कब तक वो ख्यालों का सच हमसे छिपाए रखते

3) कहने सुनने का दौर कहाँ बाकि रहा अब
कुछ कह पाते तो क्या दिल की बातें कम थीं

4) ग़म होता तो, हो जाता दफ़्न सीने में
छुपता ही नहीं ज़ालिम, ये इश्क ही होगा

5) मोहब्बत करें भी तुझसे तो जताएं कैसे
ख्वाबों ने भी तो संभालना सीख लिया मेरे

6) लिखते नहीं कुछ हम
ये तो जज़्बात हैं जो
शब्दों में यूँ बहक जाते हैं

7) गुफ़्तगु है, तो शिकायत हक है तेरा
पर राय न सुन ने की गुज़ारिश है दिल की

8) ये जो मेरी हकीकत जान कर तुम यूँ इठला रहे हो
एक दिन इन्ही रास्तों में खुद को खड़ा पाओगे

ज़लज़ला

Posted: February 11, 2013 in Poems
Tags:

1) मेरे कहने और तेरे सुनने के फासलों ने कैसा मंज़र सजाया है 
    इश्क ही इश्क हर तरफ है, बस एक तू ही नहीं है

 

2) ज़लज़ला जो ले रहा उफान सीने में 
    भुलाने को उसे, मैंने आग शहर में लगा दी

 

3) सभ्यता ने यूँ बदला हमें 
    के जो हो रहा था पहले सब के सामने 
    आज कल पर्दों में होने लगा है

इश्क़ में हैं

Posted: February 4, 2013 in Poems
Tags:

1) कब हुए बेपर्दा, इतना होश कहाँ
सर कलम हुआ, तब ख्याल सिर्फ तेरा आया

2) इश्क़ में हैं अभी, क्यूँ सवाल करते हो
फुरसत मिली कभी, तो हर जवाब देंगे

3) सुनना तो हमेशा दिल की ही चाहते हैं
बस चंद किताबों ने समझ की बातें सिखला दी

4) सोच तो कभी की घुल गयी, इश्क ऐसा हुआ
सवालों में जो बात है, जवाबों में मज़ा कहाँ