Posts Tagged ‘Poems’

Killing Their Own Heart

Posted: February 12, 2014 in Poems
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Sharpened knives;
Strengthened fists;
Words to tear;
Glances to maim.
Each one with chosen weapon,
Killing their own heart,
Losing chance to win all over.

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ये आदत तो नहीं

Posted: November 14, 2013 in Poems
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एक बार सोचा

कहीं ये महज़ आदत तो नहीं

ख्याल आया फिर की जो आदत होती ,

बदल जाती कभी की

यूँ ज़िन्दगी का रुख बदल रही है

हर पल नगमे ये नए बुन रही है

नहीं ये कुछ और ही है

आदतों को आता कहाँ है

नए रास्तों पे चलना

आदतों को आता कहाँ है

किसी के दिल में घर करना

नहीं, ये आदत तो नहीं

ये कुछ और ही है

Thoughts

Posted: November 13, 2013 in Poems
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So severe were those hours
Dissecting all I said and all I did.
Attaching motive to every word I uttered,
Making a demon out of all my deeds.

Morning is again getting beautiful.
With fewer thoughts floating,
of the hours gone by.
Thoughts that at times just spill over.
But thoughts that always are at peril,
of being taken too seriously.

Forbidden Territory

Posted: October 19, 2013 in Poems
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Forbidden territory,
O! Heart
Where’s your fear,
Where’s your shame.

Forbidden territory,
Mind has so carefully marked,
For you not to tread,
And keep you safe.

Forbidden territory,
That you are dying to break.

Forbidden territory,
That everyone warns,
Will put your life at stake.

Forbidden territory,
It’s here that I find my place.


कभी मेरी जिद और कभी तेरा दूरियाँ बढ़ाना
मेरा मुँह फेरना और तेरी बेरुखी का वो बहाना
दुसरे शख़्सों में प्यार तलाशना, फिर पीछे मुड़ कर देखना
कितना पीछे छूटा है सब, कोई रास्ता भी वहाँ नही पहुँचता

दर्द का सौदा

Posted: April 29, 2013 in Poems
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1) फिर आज मुझे तू यकीन दिला, मेरा डर बस एक वहम है
इंसानो कि बस्ती का खौफ, ले जा रहा मुझे फिर वीरानो में

2) ये वो हसरतें ही हैं, जिन पर मैंने कभी सुकून वारा था
हसरतों का कफन लपेटे, उसी सुकून कि मैय्यत पड़ी है

3) खुशी की जिद नहीं, गम ही दे तू मेरे हिस्से में
कुछ आँसू बहें तो, जज़्बात जिंदा रहेंगे

4) सामान तो तूने जुटा लिए अपनी सांसें चलाने को
जिंदा रहना काफी है क्या, ज़िन्दगी बिताने को

5) दर्द का सौदा ऐसा बुरा भी नही है
सभी खरीदार ना सही, बाँटना चाहता हर कोई है